Saturday, 25 November 2017

मेरे बगीचे के फूलों।

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मेरे बगीचे के फूलों
"मेरे बगीचे के फूलों की खुशबू अच्छी नहीं 
 थी शायद ,
तभी तुमने मेरा साथ छोड़ दिया।"
जब जिन्दगी की कीमत कि समझ नहीं थी ।
तब मै तेरा दिवाना था।
आज जिन्दगी की कीमत कि समझ हैं।
तो दुनिया मेरी दिवानी है।
कल फूलों ने तुम्हें मेरा पता दिया था ।
आज आशमा भी मेरा पता पूछते हैं।
- रवि वर्मा

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