Wednesday, 9 May 2018

मुझे भुला के।

कहा है तेरे सपनों का महल,
कहा तू लेजाना चाहती थी कल।
देख हर कल को एक दिन आज होना है,
जरा देर से ही सही पर ,
कभी न कभी,
हर किसी को उम्र भर के लिए सोना है
जिन्दगी जो आज पास है,
जी लो मुस्कुरा के।
मेरी यादें तुम्हें रूलाती हैं,मुझे भी पता है,
पर एक बार जीने की कोशिश तो करो ,
मुझे भुला के।
                                                                            -रवि वर्मा


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