Sunday, 5 July 2020

अगर तुम्हारे साथ भोलेनाथ हैं।


खुद जैसे भी रहें,
भक्त को सब कुछ दिया।
कहाँ कोई करता है उतना,
जितना शिव ने किया।
वो आदि है, वो ही अनंत है।
उन्हीं की सेवा, करता हर संत है।
दिन भी तुम्हारे हिसाब से, और,
तुम्हारे हिसाब से ही चलती रात है।
अगर तुम्हारे साथ भोलेनाथ हैं।
वो काल नहीं, महाकाल कहलाते हैं।
धन्य हो गए हैं वो, जो उनकी शरण में जाते हैं।
उनके हर व्रत की, ऐसी महिमा निराली है।
मानो भक्त के लिए, मरुस्थल में पानी है।
हर जगह विजयी बनोगे,
नहीं तुम्हारे लिए मात है।
अगर तुम्हारे साथ भोलेनाथ हैं।
©रवि वर्मा

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