खिलौना नहीं, वो मौत के साथ खेलता है।
वजह हम हैं कि वो इतना कुछ सहता है।
जो हमारी खातिर, शरहद पर रहता है।
याद रहे, हमारी आजादी,बलिदान की गाथा है।
हमें जान से प्यारी, सिर्फ और सिर्फ भारत माता हैं।
जो भटक जाते हैं, उनको राह दिखाता है।
हद में रहने की मर्यादा, भारत खुब सिखाता है।
फूल के साथ फूल, तलवार के साथ तलवार हैं।
हम जितना कुरान हैं, उतना ही गीता सार हैं।
सिर्फ मोहब्बत से भरा, हमारे कर्मो का खाता है।
हमें जान से प्यारी, सिर्फ और सिर्फ भारत माता हैं।
- रवि वर्मा

Awesome likha hai... Bhai❤👌👌jai Hind🇮🇳
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