Friday, 14 August 2020

हमें जान से प्यारी, सिर्फ और सिर्फ भारत माता हैं।

कभी बर्फ, तो कभी, रेत की मार झेलता है।
खिलौना नहीं, वो मौत के साथ खेलता है।
वजह हम हैं कि वो इतना कुछ सहता है।
जो हमारी खातिर, शरहद पर रहता है।
याद रहे, हमारी आजादी,बलिदान की गाथा है।
हमें जान से प्यारी, सिर्फ और सिर्फ भारत माता हैं।
जो भटक जाते हैं, उनको राह दिखाता है।
हद में रहने की मर्यादा, भारत खुब सिखाता है।
फूल के साथ फूल, तलवार के साथ तलवार हैं।
हम जितना कुरान हैं, उतना ही गीता सार हैं।
सिर्फ मोहब्बत से भरा, हमारे कर्मो का खाता है।
हमें जान से प्यारी, सिर्फ और सिर्फ भारत माता हैं।
- रवि वर्मा

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पंख लगाकर चाहतो का, उड़ान हमें सिखाते हैं। राह-ए-मंजिल, हर सफ़र में, हमको वही दिखाते हैं। बचपन से वो साथ हमारे लिखते हैं मिटाते है...