माना खतरनाक है, पर उतना नहीं जितना बनाया गया है।
कुछ षडयंत्र बहुत बड़ा हो रहा है।
तभी हर जुबां काटी जा रही है, जो खड़ा हो रहा है।
अरे मरना, सबको है एक दिन, पर वो दिन आज नहीं है।
कोरोना, लाइलाज नहीं है।
विश्वास दिला खुद को, तुम्हे मरना नहीं, तुम्हे जीना।
हरा देगा तू सबको, तेरा भी फौलादी सीना है।
सब खेल है सांसों का, लेने का तरीका बदल दे।
कामयाबी मिलेगी, बस आत्मविश्वास के साथ चल दे।
मौत तभी गले लगाएगी, अगर, तुम्हे तुम पर नाज़ नहीं है।
कोरोना लाइलाज नहीं है।
मेरी बस, एक बात जान लो।
मरण तभी है, अगर तुम मान लो।
जिंदगी को अपने अंदर समाने दो।
जीत केवल याद रखो, और सब कुछ जाने दो।
मृत्यु से भी मिल लेना, पर याद रहे, वो कोई विजयी ताज़ नहीं है।
कोरोना लाइलाज नहीं है।
©रवि वर्मा

Nice poem Sir
ReplyDeleteThank you so much brother 🙂
DeleteBahut acche baba jii
ReplyDeleteThank you so much brother 🙂
DeleteVry nice sir☺️
ReplyDeleteVry nice sir☺️
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