जीने की सोच

मत हार दुनिया में मिले जख्मों से।
खुशी कि तलाश कर मिले हर जख्म मे।
गम मे भी हर्षित कर देगी तूझे, तेरी वो खोज,
जीने की सोच।
खीले फूलों से सभी प्यार करते हैं।
पर ये तुझको भी खबर है, ये मुझको भी खबर है, कि ,वो फूल भी संग काटों के निकलते हैं।
कौन यहां बेदाग है, जब चांद मे ही , है दोष।
जीने की सोच।
सर्दी मे बर्फिली वादियों मे सफेद होजाता है हर नजारा।
फिर भी लोग करते है, वहाँ गुजारा।
बिना ये कहें , कि , सताती है ठंडी ओश।
जीने की सोच।
-रवि वर्मा
#Ravi_Verma(इश्क)
#@Ravi_rvverma79
Awesome...
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