Friday, 17 November 2017

जिस दिन जिन्दगी तुम से खफा हुई थी।

जिस दिन जिन्दगी तुम से खफा हुई थी

जब जिन्दगी मुहब्बतों कि दुनिया में घर बना रही थी।
तब खुशियों के आशियाने मे तू खड़ी थी।
फैसला तेरा था।
पर टूटा दिल मेरा था।
इजहारे इश्क मेरा सफल होकर भी सफल न रहा।
तूने न कि जो मुझसे वफा।
तभी जिन्दगी तेरी हुई थी , तूझ से खफा।
-रवि वर्मा

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