Sunday, 8 September 2019

कलम इतिहास लिखने को बेकरार हैं।

Ravi Verma
कलम इतिहास लिखने को बेकरार हैं

कलियों को फूल बनते देख रहा हूं।
मै जहां हू।
नन्हे कदम जो बढ़ रहे हैं,
सफलता कि कुछ सिढ़ियों को चढ़ रहे हैं।
कलम इतिहास लिखने को बेकरार हैं।
जिन्दगी जिन्दगी से कह रही हैं,
मेरी अब जीत होगी,
अब नहीं देखनी मुझे हार है।
कलम इतिहास लिखने को बेकरार हैं

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