Thursday, 28 November 2019

मैं खुशनसीब हूं बहुत, मेरे पास यार भी है प्यार भी।




मैं खुशनसीब हूं बहुत, मेरे पास यार भी है प्यार भी।

Ravi Verma
मैं खुशनसीब हू बहुत,
मेरे पास यार भी हैं प्यार भी
कभी जो भटका राहों मे।
शुकुन मिला तेरी बाहों मे।
कभी जब छोड़ा सबने साथ।
यारों थामा तुमने हाथ।
अब मुझे अच्छी लगती है हार भी।
मैं खुशनसीब हू बहुत,
मेरे पास यार भी हैं प्यार भी
वो दिन याद है मुझे,
बता क्या याद है तुझे।
था साथ मैं अपने यारों के ,
हा अपने बन्धु प्यारों के।
अरे यारों के लिए खा सकता हूँ,
मैं तुझसे मार भी।
मैं खुशनसीब हूँ बहुत
मेरे पास यार भी है प्यार भी।
तेरा फोन मझको आ रहा था,
और मैं काटे जा रहा था।
फिर अचानक आई तुम मेरे सामने,
तब हुआ दिल का बुरा हाल रे।
फस के निकला हूं मैं,
हो कितना बड़ा जाल भी
मैं खुशनसीब हूं बहुत,
मेरे पास यार भी है प्यार भी।
अब जब तुम्हें मनाना था,
मेरे पास नहीं कोई बहाना था।
साथ फिर दोस्तों ने दिया,
देर हुई पर तुझे मना लिया।
अरे दे सकता हूं दोनों के लिए,
जान भी।
मैं खुश नसीब हूं बहुत,
मेरे पास यार भी है प्यार भी।
-रवि वर्मा

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