सेवा करने चले।
और तब तक सेवा की,
जब तक जग में रहे।
उनकी कुर्बानी पर,
सुबह शाम मरता हूं।
भारत मां के वीरों को
सलाम करता हूं।
जब देश विपत्ति में होता है,
तू तो चैन से सोता है।
बस एक फौजी का ही परिवार,
कोई अपना खोता है।
आज तुम्हारी तारीफ करने की खातिर,
कलम में सांस भरता हूं।
भारत मां के वीरों को,
सलाम करता हूं।
मै उन्हें आतंकवादी कहता हूं,
जो तुम पर पत्थर बरसाते है।
मै समझ नहीं पाता, आखिर वो कैसे,
चैन से रह पाते हैं।
आज नेताओं की राजनीति को,
मैं भ्रष्टाचार कहता हूं।
भारत मां के वीरों को,
सलाम करता हूं।
~ रवि वर्मा
~ रवि वर्मा

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