Thursday, 4 June 2020

आज, विश्व पर्यावरण दिवस है

आज विश्व पर्यावरण दिवस है

विश्व जो आज परेशान हैं,
सब कर्मों का असर है।
तभी विज्ञान इतना आगे हैं,
फिर भी कोरोना का घर में बसर है।
हर वक्त एक दूसरे को मिटाने का,
षड्यंत्र विश्व में चलता है।
समझ नहीं क्या, उनका भी जीवन, 
प्रकृति में ही पलता है।
जीवन है, फिर भी कश्मकश है।
आज, विश्व पर्यावरण दिवस है।
अब आलम ऐसा है की,
इंसानियत खत्म हो चुकी है।
कोई चले तो कैसे चले,
हर गाड़ी पटरी पर रूकी है।
विश्व के पास खाने से ज्यादा, 
बम का पिटारा है।
न जाने किसको,
क्या दिखाना है।
खुद ही को खुद पर,आ रहा तरस है,
आज, विश्व पर्यावरण दिवस है।
©रवि वर्मा

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