Thursday, 26 November 2020

मौसम बारिश का है

 

बीजों को धरती में पिरोना है

हर खाते खलिहान में।

सपत लें के बैठा है किसान,

अपने घर और बागान में।

फल मिल रहा उसको उसकी गुजारिश का है।

मौसम बारिश का है।

बच्चों की नाव हाथों में है।

मुस्कुराहटों कि वजह बातों में है।

खिलौने बने हैं बारिश की बूंदें।

खुशी का आलम वहाँ भी है, जो थे कल तक सूने।

हर बूंद का एहसास आशीष सा है।

मौसम बारिश का है।

हर रंग में रंग चूँकि है धरती,

है नदियां भी अभी ही सँवरती।

आकाश भी अठखेली करता,

पवन वेग के साथ मिल के बादल भी पहेली गड़ता।

सब असर रब की साजिश का है

मौसम बारिश का है।

- रवि वर्मा

2 comments:

शिक्षक वो नाम है, शिक्षा जिसकी पहचान है

पंख लगाकर चाहतो का, उड़ान हमें सिखाते हैं। राह-ए-मंजिल, हर सफ़र में, हमको वही दिखाते हैं। बचपन से वो साथ हमारे लिखते हैं मिटाते है...